1 अप्रैल से बदल जाएंगे इनकम टैक्स और UPI के नियम, जानें नए बदलाव

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शब्दरंग समाचार: 1 अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष 2025-26 शुरू होने जा रहा है और इसके साथ ही इनकम टैक्स और UPI से जुड़े कई नियमों में बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों का सीधा असर नौकरीपेशा लोगों, निवेशकों और डिजिटल पेमेंट करने वालों पर पड़ेगा। आइए जानते हैं इन बदलावों के बारे में विस्तार से।

इनकम टैक्स में बदलाव

12 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स छूट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2024 में इनकम टैक्स की नई व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं। नई टैक्स रीजीम के तहत अब सालाना 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। हालांकि, यह छूट केवल उन्हीं करदाताओं को मिलेगी जो नई टैक्स रीजीम को अपनाते हैं।

नई और पुरानी टैक्स रीजीम में अंतर

जो लोग टैक्स बचाने के लिए निवेश करते हैं, उनके लिए पुरानी टैक्स रीजीम अब भी फायदेमंद हो सकती है। नई टैक्स रीजीम में भले ही टैक्स की दरें कम हों, लेकिन इसमें 80C, 80D और होम लोन पर ब्याज की छूट जैसी कई महत्वपूर्ण कटौतियां उपलब्ध नहीं होंगी।

TDS नियमों में बदलाव

नए वित्त वर्ष के साथ ही TDS (Tax Deducted at Source) के नियमों में बदलाव किया गया है। नौकरीपेशा लोगों को अपनी सैलरी से टैक्स कटौती के लिए नई या पुरानी टैक्स रीजीम में से किसी एक को चुनना होगा। इस आधार पर उनकी सैलरी से TDS की कटौती की जाएगी।

यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS)

यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) 1 अप्रैल 2025 से लागू हो जाएगी। यह स्कीम 23 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों को लाभ पहुंचाएगी। इसके तहत कम से कम 25 वर्षों की सेवा देने वाले कर्मचारियों को उनके अंतिम 12 महीनों के औसत मूल वेतन के 50% के बराबर पेंशन मिलेगी।

UPI से जुड़े नए नियम

1 अप्रैल से UPI पेमेंट सिस्टम में भी कई बदलाव किए जाएंगे। सरकार और बैंकिंग नियामकों ने UPI की सुरक्षा बढ़ाने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं:

  • इनएक्टिव मोबाइल नंबर हटाए जाएंगे: बैंक और थर्ड पार्टी UPI प्रोवाइडर्स को निष्क्रिय मोबाइल नंबरों को अपने प्लेटफॉर्म से चरणबद्ध तरीके से हटाना होगा।
  • बेहतर सुरक्षा उपाय: डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए अतिरिक्त ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया को मजबूत किया जाएगा।

UPI ट्रांजेक्शन लिमिट: कुछ हाई-वैल्यू ट्रांजेक्शन के लिए अतिरिक्त वेरिफिकेशन की जरूरत होगी।

क्या करना चाहिए?

1. अगर आप नौकरीपेशा हैं, तो अपनी टैक्स रीजीम का चुनाव समझदारी से करें।

2. UPI से जुड़े नए नियमों के अनुसार, अपना मोबाइल नंबर अपडेट रखें ताकि कोई दिक्कत न हो।

3. पेंशन स्कीम के लाभों को समझें और अपने वित्तीय भविष्य की योजना बनाएं।

इन नए नियमों के लागू होने से नौकरीपेशा वर्ग और डिजिटल पेमेंट करने वालों पर खासा असर पड़ेगा। इसलिए इन बदलावों को ध्यान में रखते हुए अपनी वित्तीय योजनाओं को समायोजित करें।

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