शब्दरंग समाचार: महाराष्ट्र के नागपुर में सोमवार शाम को औरंगजेब की कब्र को लेकर उपजे विवाद ने हिंसक रूप धारण कर लिया, जिससे शहर के महल और हंसपुरी क्षेत्रों में तनाव फैल गया। इस हिंसा में कई घर, दुकानें और वाहन आग की भेंट चढ़ गए, जबकि पुलिसकर्मियों समेत लगभग 20 लोग घायल हुए हैं।
हिंसा की शुरुआत:
सोमवार सुबह विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने औरंगजेब की प्रतीकात्मक कब्र का दहन किया, जिससे मुस्लिम समुदाय की भावनाएं आहत हुईं। इसके विरोध में मुस्लिम समाज के लोग महल क्षेत्र में एकत्रित होकर प्रदर्शन करने लगे। शाम होते-होते दोनों समुदायों के बीच तनाव बढ़ा और झड़पें शुरू हो गईं।
आगजनी और पथराव:
झड़पों के दौरान उपद्रवियों ने कई घरों, दुकानों और वाहनों में आग लगा दी। सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों को तोड़ा गया और पुलिस पर पथराव किया गया, जिसमें 15 पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।
पुलिस की कार्रवाई:
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 65 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। शहर में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) तैनात की गई है। पुलिस कमिश्नर रविंद्र सिंघल ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
नेताओं की अपील:
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुरवासियों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन का सहयोग करने का अनुरोध किया है। प्रशासन ने नागरिकों से संयम बरतने और किसी भी भड़काऊ गतिविधि से दूर रहने की सलाह दी है, ताकि शहर में शांति और व्यवस्था बनी रहे।