
बेंगलुरु, शब्दरंग समाचार: कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव की जमानत याचिका तीसरी बार बेंगलुरु की सत्र अदालत ने खारिज कर दी है। उन्हें 3 मार्च को दुबई से लौटते समय केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 14.2 किलोग्राम सोने की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। अधिकारियों ने उनके बेल्ट में छुपाकर रखे गए सोने की छड़ें बरामद की थीं।
सोने तस्करी के नेटवर्क की जांच जारी
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने मामले की जांच के दौरान बल्लारी के सोने के व्यापारी साहिल जैन को भी गिरफ्तार किया है। साहिल पर आरोप है कि उसने रान्या की तस्करी में मदद की और अवैध सोने को ठिकाने लगाने में भूमिका निभाई। अधिकारियों ने पूछताछ के बाद 27 मार्च को उसे हिरासत में लिया।
जांचकर्ताओं को शक है कि यह अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी नेटवर्क है, जिसमें हवाला के जरिए पैसों का लेन-देन किया गया है। रान्या ने कथित रूप से 26 बार दुबई की यात्रा की थी, जिससे उनकी संलिप्तता पर संदेह और बढ़ गया।
घर पर छापा, करोड़ों की संपत्ति जब्त
DRI अधिकारियों ने रान्या राव के घर पर छापा मारकर 2.06 करोड़ रुपये के सोने के आभूषण और 2.67 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं। जांच टीम अब इस पूरे तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है।
परिवार ने किया किनारा, डीजीपी पिता बोले- ‘कानून अपना काम करेगा’
रान्या के सौतेले पिता, डीजीपी रैंक के अधिकारी के. रामचंद्र राव ने इस विवाद से खुद को अलग कर लिया है। उन्होंने बयान जारी करते हुए कहा,
“उसने हमें निराश किया है। अगर उसने कुछ गलत किया है, तो कानून अपना काम करेगा।”
रान्या के पारिवारिक जीवन को लेकर भी नए खुलासे हुए हैं। बताया जा रहा है कि चार महीने पहले उन्होंने आर्किटेक्ट जतिन हुक्केरी से शादी की थी और उसके बाद से ही वह अपने परिवार से संपर्क में नहीं थीं।
फिल्मों से तस्करी तक का सफर
रान्या राव ने 2014 में कन्नड़ फिल्म ‘माणिक्य’ से फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने तमिल फिल्म ‘वाघा’ (2016) में काम किया और 2017 में कन्नड़ फिल्म ‘पटकी’ में वापसी की।
क्या आगे होगा?
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस तस्करी में कोई कानून प्रवर्तन अधिकारी तो शामिल नहीं था। साथ ही, रान्या के संभावित सहयोगियों पर भी नजर रखी जा रही है। इस मामले में आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
न्यायालय का कड़ा रुख
बेंगलुरु सत्र अदालत ने रान्या की जमानत याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि यह संगठित तस्करी का मामला है और रान्या को जमानत देने से सबूतों से छेड़छाड़ और जांच में बाधा आ सकती है। इससे पहले 14 मार्च को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
अब देखना होगा कि क्या रान्या कोई नई कानूनी रणनीति अपनाएंगी या उन्हें लंबे समय तक जेल में रहना पड़ेगा।