
ओटावा |शब्दरंग समाचार: कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका और कनाडा के बीच पुराने रिश्ते अब खत्म हो चुके हैं। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा विदेशी कारों पर 25% टैरिफ लगाने के ऐलान के बाद आया है। कार्नी ने स्पष्ट किया कि वे ट्रम्प से तभी व्यापार वार्ता करेंगे, जब अमेरिका कनाडा का सम्मान करेगा।
संप्रभुता पर हमला: कार्नी का कड़ा संदेश
ओटावा में कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए प्रधानमंत्री कार्नी ने ट्रम्प की बयानबाजी पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा—
“वे (ट्रम्प) बार-बार कनाडा पर कब्जे की धमकी दे रहे हैं। यह हमारी संप्रभुता का अपमान है। मैं उनसे बातचीत के लिए तैयार हूं, लेकिन जब तक वे कनाडा का सम्मान नहीं दिखाते, तब तक हम किसी भी व्यापार वार्ता में शामिल नहीं होंगे।”
यह पहली बार होगा जब कार्नी, प्रधानमंत्री बनने के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति से बातचीत करेंगे। आमतौर पर कनाडाई प्रधानमंत्री पद संभालते ही अमेरिकी राष्ट्रपति से बात करते हैं, लेकिन 13 दिन बीत जाने के बावजूद दोनों नेताओं के बीच कोई संवाद नहीं हुआ।
कनाडाई ऑटो उद्योग को झटका, 5 लाख नौकरियां संकट में
ट्रम्प के टैरिफ निर्णय के कारण कनाडा की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को भारी नुकसान होने की आशंका है। इस सेक्टर में करीब 5 लाख लोग रोजगार में हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह टैरिफ लागू हुआ, तो कनाडा की अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।
कार्नी ने कहा—
“यह टैरिफ हमारे उद्योग और वर्कर्स पर सीधा हमला है। हम अपने लोगों और कंपनियों की रक्षा करेंगे। अमेरिका पर जवाबी टैरिफ लगाया जाएगा, जिससे उन्हें भी बड़ा नुकसान होगा।”
ऑटो पैक्ट खत्म: 60 साल पुराना समझौता अब अतीत बना
प्रधानमंत्री कार्नी ने ऐलान किया कि 1965 में अमेरिका-कनाडा के बीच हुआ ऑटोमोटिव प्रोडक्ट्स एग्रीमेंट (ऑटो पैक्ट) अब खत्म हो चुका है। इस समझौते के तहत दोनों देशों ने ऑटोमोबाइल व्यापार पर टैरिफ हटा दिया था, जिससे अमेरिका की “बिग थ्री” कंपनियों—फोर्ड, जनरल मोटर्स और क्रिसलर—को भारी फायदा हुआ था।
लेकिन ट्रम्प के नए टैरिफ के बाद यह समझौता औपचारिक रूप से समाप्त हो गया है। कनाडा अब अमेरिका पर नए टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है।
चुनावी माहौल में गरमाया मुद्दा
इस विवाद के बीच, कनाडा में 28 अप्रैल को आम चुनाव होने वाले हैं। टैरिफ मुद्दे पर प्रधानमंत्री कार्नी ने अपना चुनाव अभियान अस्थायी रूप से रोक दिया और कैबिनेट की आपात बैठक के लिए ओटावा लौट आए। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला चुनाव में अहम भूमिका निभा सकता है।
क्या आगे होगा?
यदि ट्रम्प और कार्नी के बीच बातचीत होती है, तो यह पहली बार होगा जब दोनों नेता आमने-सामने आएंगे।
कनाडा जवाबी टैरिफ लगाने पर विचार कर रहा है, जिससे अमेरिकी कंपनियों को झटका लग सकता है।
यह व्यापारिक तनाव अमेरिका और कनाडा के ऐतिहासिक संबंधों को नया मोड़ दे सकता है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ट्रम्प इस पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं और दोनों देशों के रिश्ते किस दिशा में जाते हैं।