
नई दिल्ली, शब्दरंग समाचार। : हिंदू धर्म में शीतला अष्टमी व्रत का विशेष महत्व है। इसे बसौड़ा भी कहा जाता है और यह व्रत गर्मियों की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस वर्ष शीतला अष्टमी 22 मार्च 2025 को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन माता शीतला की पूजा करने से घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
शीतला अष्टमी 2025 की तिथि और समय
वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र कृष्ण अष्टमी तिथि की शुरुआत 22 मार्च को सुबह 04:23 बजे होगी और इसका समापन 23 मार्च को सुबह 05:23 बजे होगा। धार्मिक गणनाओं के आधार पर 22 मार्च को शीतला अष्टमी का व्रत रखा जाएगा।
शीतला अष्टमी पर इन चीजों का करें दान
शीतला अष्टमी पर कुछ विशेष चीजों का दान करने से आर्थिक तंगी दूर होती है और जीवन में समृद्धि आती है।
1. बासी भोजन: इस दिन ठंडा या बासी भोजन खाने की परंपरा है, इसलिए गरीबों को बासी भोजन या पकवान दान करना शुभ माना जाता है।
2. छाछ और दही: यह सेहत के लिए लाभकारी होते हैं और गर्मी में शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं, इसलिए इनका दान करना शुभ माना जाता है।
3. चावल और गुड़: अन्नदान को हिंदू धर्म में सबसे बड़ा दान माना गया है। शीतला अष्टमी पर चावल और गुड़ का दान करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।
4. वस्त्र और जूते-चप्पल: जरूरतमंदों को कपड़े और जूते-चप्पल दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
5. सिंदूर और सुहाग सामग्री: सुहागिन महिलाओं को सुहाग का सामान दान करने से जीवन में शुभ फल प्राप्त होते हैं।
6. कूलर और पंखे: गर्मी के मौसम में जरूरतमंदों को कूलर या पंखे दान करना भी शुभ होता है।
शीतला अष्टमी व्रत का महत्व
शीतला अष्टमी के दिन माता शीतला की पूजा करने से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। इस दिन व्रत रखने वाले लोग एक दिन पहले बना भोजन खाते हैं और माता शीतला को अर्पित करते हैं। मान्यता है कि इससे बीमारियों से बचाव होता है और स्वास्थ्य अच्छा रहता है।इस बार शीतला अष्टमी 22 मार्च 2025 को मनाई जाएगी, ऐसे में अगर आप माता शीतला की कृपा पाना चाहते हैं, तो इस दिन व्रत रखें और दान-पुण्य करें।