
नई दिल्ली, शब्दरंग समाचार: केंद्र सरकार वक्फ संशोधन विधेयक को संसद में पेश करने की तैयारी में है। इसे लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं। जहां सरकार विधेयक को पारित कराने की रणनीति बना रही है, वहीं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) समेत कई विपक्षी दल इसके विरोध में खड़े हो गए हैं।
संसद में पेश होने को तैयार वक्फ संशोधन बिल
सूत्रों के मुताबिक, सरकार कभी भी इस विधेयक को सदन में रख सकती है। इसे लेकर आज सुबह 9:30 बजे से 10:30 बजे तक संसद भवन में सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई थी, जिसमें विधेयक के प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की जानी थी। हालांकि, अंतिम क्षणों में यह बैठक रद्द कर दी गई।
AIMPLB ने किया देशव्यापी विरोध का ऐलान
AIMPLB ने वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करने की घोषणा की है। इसके पहले चरण में, आज पटना में बिहार विधानसभा के सामने एक बड़े धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया है। इस प्रदर्शन में जनता दल यूनाइटेड (JDU), राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस और लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है।
इसके अलावा, 29 मार्च को विजयवाड़ा में भी एक बड़े प्रदर्शन की योजना बनाई गई है, जिसमें तेलुगु देशम पार्टी (TDP), वाईएसआर कांग्रेस, कांग्रेस और वामपंथी दलों के नेताओं को शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा गया है। AIMPLB की कोशिश है कि अधिक से अधिक विपक्षी दलों को इस मुद्दे पर एकजुट किया जाए और सरकार पर दबाव बढ़ाया जाए।
बीजेपी की ‘सौगात-ए-मोदी’ पहल
वहीं, दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मुस्लिम समुदाय तक अपनी पहुंच बनाने के लिए ‘सौगात-ए-मोदी’ नामक एक अभियान शुरू किया है। इस पहल के तहत, ईद के मौके पर देशभर में 32 लाख गरीब मुस्लिम परिवारों को उपहार किट वितरित किए जा रहे हैं।
‘सौगात-ए-मोदी’ किट में शामिल सामान:
सेवइयां
ड्राई फ्रूट्स
दूध, चीनी, बेसन
महिलाओं के लिए सूट का कपड़ा
पुरुषों के लिए कुर्ता-पायजामा
बीजेपी के मुताबिक, इस अभियान का उद्देश्य मुस्लिम समुदाय के गरीब तबके तक मदद पहुंचाना है। पार्टी के 32,000 कार्यकर्ता देशभर में मस्जिदों और मदरसों के सहयोग से यह किट वितरित कर रहे हैं।

बीजेपी के इस कदम पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने इसे ‘वोट बैंक की राजनीति’ बताया है। उनका कहना है कि सरकार मुस्लिम समुदाय को लुभाने के लिए यह पहल कर रही है। हालांकि, बीजेपी का कहना है कि यह मुस्लिमों के साथ सकारात्मक संबंध बनाने की एक ईमानदार कोशिश है।
वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। AIMPLB इस बिल के खिलाफ विपक्षी दलों को एकजुट करने में जुटा है, जबकि बीजेपी अपनी ‘सौगात-ए-मोदी’ पहल से मुस्लिम समुदाय तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है और संसद में जोरदार बहस होने की संभावना है।